Thursday, 9 July 2015

... और भी हसीन हो गया हजरतगंज


युवाओं का दिल हजरतगंज अब कार्निवाल के माध्यम से और भी हसीन रूप में सामने आ रहा है। गंज को मानो पंख लग गए हो। कार्निवाल की परम्परा के श्रीगणेश में यहां अद्भुत ही नजारा रहा। महज कुछ ही किमी के एरिया में सारा लखनऊ समा गया था, शाम होते ही हजारों की भीड़ मस्ती के समंदर में डूबती नज़र आई। कहीं सेल्फी तो कहीं गु्रप फोटो सेशन...युवाओं का शगल रहा। कहीं झूले तो कहीं विक्टोरिया की सवारी...। कहीं साइकिल स्टंट ने लोगों को हैरान किया तो कहीं पपेट शो ने हंसने पर मजबूर किया। शानदार बैंड पार्टी के साथ सिटी की कई फेमस रेस्टोरेंट के काउंटर पर दावत के लिए पूरा इंतजाम भी गंज कार्निवाल के दौरान था। गंजिंग को सेफ जोन बनाने के लिए सीसी टीवी कैमरो से भी सारी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स साथ में तैनाती थी। कार्निवाल की शुरुआत ठीक सात बजे चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन के दीप जलाने से हुई। इस मौके पर उनके साथ उनकी पत्नी सुरभि रंजन, लखनऊ मंडल के कमिश्नर महेश गुप्ता, डीएम राजशेखर और डीआईजी लखनऊ आरके चतुर्वेदी समेत कई जानी मानी हस्तियां मौजूद थीं।
उद्घाटन के साथ ही आतिशबाजी ने वहां खड़े लोगों को एक पल के लिए वहीं रूकने पर मजबूर कर दिया। गंजिंग में फन जोन, लाइव बैंड परफॉर्मेस, मेंहदी एंड टैटू मेकिंग के अलावा फूड कोर्ट, साइकिलिंग, स्टंट फ्री साइकिलिंग राइडिंग, फोटो प्रदर्शनी, पपेट शो, डांस, सेल्फी प्वाइंट, विक्टोरिया की सवारी और किड्स जोन में जमकर फैमिली ने मस्ती की। कार्निवाल में चार सेल्फी प्वाइंट बनाए गए थे। हालांकि चार प्वाइंट भी सेल्फी के लिए कम पड़ गए क्योंकि गंजिंग का मजा लेने आए लोग इस लम्हेे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने से नहीं चूक रहे थे। कार्निवाल के प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर मयंक रंजन ने बताया कि लखनऊ के कल्चर को एक प्लेटफार्म पर लाने के लिए गंजिंग एक काफी अच्छा माध्यम बना। हमारी कोशिश यही थी कि अवध की डाइंग आर्ट्स के साथ हम शहर के टैलंट को भी प्रमोट करें। यह कॉमन प्लेटफॉर्म बना है, जहां लोगों को अपना टैलंट दिखाने का मौका मिल रहा है और देखनेवालों का मनोरंजन भी साथ में होता है।
गुलज़ार रहे रेस्टोरेंट्स
गंजिंग कार्निवाल में मस्ती के साथ खाने पीने का पूरा इंतजाम था। इसका सबसे ज्यादा फायदा हजरतगंज से लेकर लालबाग क्षेत्र के रेस्टोरेंट्स को हुआ। सभी रेस्टोरेंट गंजिंग का लुत्फ उठाने आए लोगों से भरे रहेे। हाल यह रहा कि बैठने तक को जगह नहीं मिल रही थी। साहू सिनेमा के आस-पास एक अवधी फूड कोर्ट भी था, जहां इदरीस और रहीम के स्टॉल से आ रहे ज़ायकेे की खुशबू लोगों को अपनी ओर खिंच रही थी।

पपेट शो में दिखाई पुराने लखनऊ की झलक
ष्गुलाबो खूब लड़े हैं, सिताबो खूब लड़े हैंष् जैसी लाइनें वहां आए लोगों को एंटरटेन कर रही थी। अलग-अलग गीतों पर गुलाबो और सिताबो का डांस भी सबको को देखने को मिला। किसी जमाने में अवध की शान रहा कठपुतली का तमाशा अब वक्त के साथ कम होता चला जा रहा है। इसके कलाकार तो बचे हैं पर कद्रदान अब पहले जैसे नहीं रहे। ऐसी कई लोक कलाओं को बढ़ावा देने और उन्हें जीवित रखने के मकसद से इन्हें गंजिंग में जगह दी गई थी। गंजिंग में पपेट शो की जिम्मेदारी कठपुतली कलाकार मेराज आलम को सौंपी गई। करीब 40 मिनट के शो के दौरान दो दोस्तों की कहानी बताई गई। पपेट शो दिखाने वाले मेराज ने बताया कि वे 15 साल से पपेट शो दिखा रहे हैं और वे उसके लिए पपेट खुद ही तैयार करते हैं।
भरतनाट्यम और ग्रुप डांस रहा खास
गंज कार्निवाल में भरतनाट्यम की प्रस्तुति भी सबके आकर्षण का मुख्य केंद्र बिन्दु रही। इस डांस को प्रस्तुत किया शहर के फेमस युवा डांसर सैयद शमसुर रहमान ने। वहीं सुपर मॉम सीजन-वन की जानी-मानी प्रतियोगी शहर की ही शिवांगी वाजपेयी के डायरेक्शन में 12 सदस्यीय डांस ग्रुप ने गंज की शाम को और खास बनाया।
पार्किंग में आई दिक्कत
कार्निवाल के दौरान लोगों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत पार्किंग की थी। वहां आए लोगों के लिए सबसे बडा सवाल यही था कि वे अपनी गाडि़यां कहां पार्क करेंगे, क्योंकि मल्टी लेवल पार्किंग भी नो व्हीकल जोन में आ रही थी। जिससे कार्निवाल का मज़ा लेने आए लोगों को थोड़ी दिक्कत का सामना भी करना पड़ा।
गर्मी में एक व जाडे़ में दो कार्निवाल की सौगात
लखनऊ में आयोजित पहले गंज कार्निवाल की सफलता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अब आगे इसके आयोजन में थोड़ा सा बदलाव करने का फैसला किया है। गर्मियों में एक बार तो बरसात और सर्दी के मौसम में इसे माह में दो बार कराया जाएगा और लखनऊ महोत्सव के दौरान इसे आयोजित नहीं किया जायेगा। फूड कोर्ट, आर्ट गैलरी, हैंडीक्राट, टैलंट हंट, कॉमपिटिशन, फोटो प्रदर्शनी, फन जोन जैसी सुविधाएं तो आम होंगी, लेकिन कार्निवाल की थीम हर बार अलग होगी। कार्निवाल के दिन गंजिंग एरिया को नो व्हीकल जोन में बदल दिया जायेगा और गंजिंग के दौरान रूट डायवर्जन के लिए बड़े साइज में रिफेक्टिव साइनेज बोर्ड लगाये जाएंगे ताकि गाड़ी की पार्किंग के लिए लोगों को जगह की जानकारी हो, इससे उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।






No comments:

Post a Comment