Wednesday, 21 January 2015

2016 तक चीन से आगे निकल जाएगा भारत.....!!


भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में 'मेक इन इंडिया' कैंपेन को शुरू कर रहे थे, ठीक उसी समय चीन सरकार ने 'मेड इन चाइना' लॉन्च कर दिया। चीन के इस कदम का मकसद खुद को मैन्युफैक्चरिंग में बढ़त बनाए रखने की है और इसके लिए उसने कई तरह की टैक्स रियायतों की घोषणा की है। चीन सरकार ने अपने बयान में कहा है, 'मेड इन चाइना उत्पादों को अपग्रेड करने के लिए हम हाईटेक इंपोर्ट और रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट को बढ़ावा देंगे।' इस कैंपेन के तहत चीन अपने यहां मैन्युफैक्‍चरिंग कर रही उन कंपनियों को टैक्स में रियायत देगी, जो मशीनों को अपग्रेड करने और रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट के क्षेत्र में निवेश करेगी | वर्ल्ड बैंक ने ग्लोबल इकॉनमी के ग्रोथ रेट को 3.47 फीसदी से घटा कर 3 फीसदी कर दिया है। जिससे आने वाले साल  मुश्किलों भरा साबित हो सकता है। हालांकि, इस बीच वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा कि भारतीय इकॉनमी के लिए यह बेहतर दौर साबित होगा। पिछले साल भारत में सत्ता में आई नई सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों के लिए उठाए गए कदमों को लेकर उत्साहित वर्ल्ड बैंक का कहना है कि भारत 2016-17 में चीन की विकास दर के समान विकास दर हासिल कर लेगा। भारत के लिए खुशखबरी है कि 2016 में भारत ग्रोथ रेट के मामले में चीन को पछाड़ देगा । इंटरनैशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) ने कहा कि इस साल भारत का ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी रहेगा और 2016 में 6.5 फीसदी हो जाएगा। आईएमएफ द्वारा जारी की गई वर्ल्ड इकनॉमिक रिपोर्ट अपडेट में कहा गया है कि 2014 में भारत का ग्रोथ रेट 5.8 फीसदी रहा है जबकि चीन का 7.4 फीसदी 2013 में भारत का ग्रोथ रेट 5 फीसदी था जबकि चीन का 7.8 फीसदी। आईएमएफ ने कहा कि 2015 में भारत के ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी रहने और 2016 में 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि चीन का ग्रोथ रेट को 2016 में 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है। इसका मतलब यह हुआ कि ग्रोथ रेट के मामले में भारत 2016 में चीन को पछाड़ देगा। चीन में 2014 के तीसरे क्वॉर्टर में इन्वेस्टमेंट ग्रोथ में गिरावट आई है । आईएमएफ का कहना है कि चीन में कम ग्रोथ रेट होने से अहम क्षेत्रीय प्रभाव होंगे। आईएमएफ के रिसर्च डिपार्टमेंट के deputy director gyan mariya  ने बताया, 'मेरा मानना है कि नए प्रधानमंत्री के सुधार की योजनाएं आशाजनक हैं। हमें उम्मीद है कि तेजी के साथ इसपर कार्य किया जाएगा।' एक सवाल के जवाब में आईएमएफ के अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आर्थिक सुधार के बारे में कोई भी भविष्यवाणी करना कठिन है क्योंकि ये सचारात्मक सुधार हैं और धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल मूल्य में गिरावट से ग्लोबल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। ग्लोबल ग्रोथ को 2015-16 में 3.5 और 3.7 फीसदी रहने का अनुमान है।

भारत बना दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी

भारत purchasing power parity के लिहाज से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापान को पछाड़कर भारत ने यह स्थान हासिल किया है। बैंक के इंटरनैशनल comparison प्रोग्राम (ICP) के 2011 राउंड में अमेरिका और चीन के बाद भारत को रैंकिंग दी गई है। इससे पहले 2005 के सर्वे में भारत की इकॉनमी इस मामले में 10वें पायदान पर थी। हाल के वर्षों में भारत में ऊंची महंगाई दर के बावजूद कीमतें अब भी विकसित देशों के मुकाबले कम हैं।  PPP के लिहाज से इस रिपोर्ट में भारत की हाई रैंकिंग की यही वजह है। हालांकि, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के मुताबिक, भारत 12वीं सबसे बड़ी इकॉनमी है और adjusted dollars के लिहाज से इसका आकार जापान के महज एक तिहाई के बराबर है।




Tuesday, 20 January 2015

आत्महत्या का प्रयास अपराध नहीं ..!!!

एक रिसर्च के अनुसार भारत मैं युवाओ की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण आत्महत्या हैं | भारत उन देशो मैं शामिल हैं  जहा आत्महत्या सबसे अधिक होती हैं | विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार वर्ष 2010 मैं भारत मैं एक लाख 90 हज़ार लोगो ने आत्महत्याए की थी और हर वर्ष लगभग 9 लाख लोग आत्महत्याए करते हैं | इनमें सबसे बड़ी संख्या चीन की है जहा औसतन दो लाख लोग हर वर्ष आत्महत्या कर लेते हैं | पिछले साल भारत मैं लगभग 1,35,445 लोगो ने आत्महत्या की - भारत मैं हर चार मिनट मैं कोई न कोई अपनी ज़िन्दगी अपने ही हाथो से छीन लेता है फिर चाहे वो पुरुष हो या महिला , रोज तक़रीबन  371  मामले आत्महत्या के सामने आ रहे हैं | युवाओ मैं आत्महत्या की ये  बढोत्तरी उत्तर भारत की बजाये दक्षिण भारत मैं कही ज्यादा हैं , देश भर मैं आत्महत्या से होने वाली कुल मौतों मैं से चालीस प्रतिशत अकेले चार बड़े दक्षिणी राज्यों मैं होती हैं |

इन घटनायों ने खीचा ध्यान :-
कुछ हफ्ते पहले एक युवा महिला डॉक्टर ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट मैं इसका कारण खुद को किसी लायक न मानना बताया था | और एक CA की स्टूडेंट ने परीक्षा के बाद खुद को कमरे मैं बंद करके इसलिए फासी लगा ली थी क्यूकि उसका पेपर अच्छा नहीं हुआ था |
                    देश मैं ज्यादातर जगहों पर आत्महत्यां करने वालो की संख्या मैं जहा कमी आई हैं , वही उत्तर प्रदेश मैं ये मामले काफी तेज़ी से बड़े हैं | यूपी (19.5) % के साथ आत्महत्याओ की फेरिस्त मैं  चौथे नंबर पर हैं , इसे लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी मनोवैज्ञानिक की प्रोफेसर अर्चना शुक्ला कहती हैं - की इस्सकी वजह युवाओ मैं करियर और अन्य कारणों से बढता दबाव हैं , समाज तेज़ी से बदल रहा हैं और हर कोई अपने आप मैं व्यस्त हैं , कोई अपना काम क्यों नहीं कर पाया , इसे जानने के बजाये उसे नकारा बताने की कोशिश होती हैं |

शादी टूटी तो कर ली आत्महत्या :-
                          आत्महत्याओ की बदती वजह सिर्फ काम और परिवार का दबाव ही नहीं हैं बल्कि प्रदेश मैं 57 लोगो ने महज़ शादी पक्की होने के बाद उसके टूटने पर अपनी ज़िन्दगी ख़त्म  कर दी हैं, इनमें 38 लडकिया थी |  सिर्फ शहर ही नहीं गाँव के किसान भी इससे अछूते नहीं हैं , वर्ष 2013 मैं देश मैं 11,770 किसानों ने आत्महत्याए की हैं , जिनमें से 750 किसान उत्तर प्रदेश से थे |
भारतीय संविधान मैं आत्महत्या  को क्राइम की श्रेणी मैं रखा जाता हैं | लेकिन जल्द ही ऐसा होने वाला हैं की इसे अपराध की श्रेणी से हटा दिया जायेगा |  IPC ( INDIAN PENAL CODE ) की धारा 309 (ATTEMPT TO MURDER ) के तेहत सुसाइड की कोशिश पर पहले एक साल की सज़ा या जुर्माने का प्रवाधान था  जिसे अब विधि  आयोग की सिफ़ारिश पर मोदी सरकार ने  खत्म करने का फैसला किया है | 18 राज्य और 4 केंद्र शासित  छेत्र भी इसके पक्ष मैं हैं |