परियो जैसी सुन्दर होती है बेटिया ,
फूलो जैसी कोमल होती है बेटिया ,
इनके बगैर ज़िन्दगी अधूरी सी लगती है ,
अपने घर का और पुरे देश का नाम रोशन करती है बेटिया ,
बगैर इनके तो ये दुनिया बेकार है ।
तो फिर अब भी क्यों नहीं है इन्हें जन्म लेने का अधिकार ,
क्यों अब भी इनके जन्म की खबर पर ही मातम मनाया जाता है ।
क्यों उसे जन्म लेने नहीं दिया जाता है
क्या इस दुनिया मैं बेटे ही सब कुछ है बेटिया कुछ नहीं ।
सच मैं दिल बहुत दुखता है
जब भी किसी मासूम परी को सड़क किनारे या कूड़ेदान मैं पदा देखती हूँ ।
आखिर उस मासूम का क्या कसूर है ,
क्यों उसे इस तरह लावारिस मरने के लिए छोड़ दिया जाता है ।
दोस्तों ये पाप नहीं महापाप है , इसे बदावाह मत दो .
क्योकि बेटियों को भी तो जीने का हक है ,
हम होते कौन है उनसे उनका ये हक छीनने वाले ...................!!!!!!!!!!




