Sunday, 18 November 2012

''बेटियों से ही है ये जहा रोशन ''

 परियो जैसी सुन्दर होती है बेटिया , 

                  फूलो जैसी कोमल होती है बेटिया ,

 इनके बगैर ज़िन्दगी अधूरी सी लगती है ,
                  अपने घर का और पुरे देश का नाम रोशन करती है  बेटिया ,
बगैर इनके तो ये दुनिया बेकार है ।
                   तो फिर अब भी क्यों नहीं है इन्हें जन्म लेने का अधिकार ,
क्यों अब भी इनके जन्म की खबर  पर ही मातम मनाया जाता है ।
                    क्यों उसे जन्म लेने नहीं दिया जाता है 
क्या इस दुनिया मैं बेटे ही सब कुछ है बेटिया  कुछ नहीं ।
                सच मैं दिल बहुत दुखता है  
जब भी किसी मासूम परी  को सड़क किनारे या  कूड़ेदान मैं पदा  देखती  हूँ ।
                 आखिर उस मासूम का क्या कसूर है , 
क्यों उसे इस तरह लावारिस  मरने के  लिए छोड़ दिया जाता है ।
                  दोस्तों  ये पाप नहीं महापाप है , इसे बदावाह  मत दो .
क्योकि बेटियों  को भी तो जीने का हक है ,
                  हम होते कौन है उनसे  उनका ये हक छीनने  वाले ...................!!!!!!!!!! 

Friday, 26 October 2012

'' पुरुषो द्वारा महिलाओ पर हो रहा है :-अत्याचार ''

 

जी हां ! ये बहुत शर्म की बात है हमारे समाज के लिए जहा महिलाये बिलकुल सुरक्षित नहीं है । हमारे समाज मैं हर जगह उन पुरुषो द्वारा अत्याचार हो रहा है ।इसे पुरुषो की गन्दी सोच कहा जाये तो गलत नहीं होगा । ये पुरुषो की बुरी सोच ही है जिसके कारण आज ऐसा दिन आ गया है की महिलाये अपने ही देश मैं असुरक्षित है । आज के इस युग मैं अगर किसी महिला ने आज़ादी से जीने की सोची तोह वो उसके लिए सबसे बडा अपराध माना जायेगा ।क्योकि इस समाज मैं आज़ादी से जीने का हक सिर्फ पुरुषो के पास है , महिलायों के पास नहीं । भारत मैं आये दिन कोई न कोई लड़की पुरुषो का शिकार बन जाती है । जो बहुत शरमशार कर देने वाली बात है । इसका मुख्य कारण लडकियों का पहनावा नहीं बल्कि पुरुषो की गन्दी सोच और उनका महिलायों के प्रति गन्दा नज़ररिया है । आखिर मैं बस मैं ये कहना चाहती हूँ के पुरुषो की गन्दी सोच को तो हम बदल नहीं सकते ,पर उनके द्वारा किये गए अत्याचारों को सहने के बजाये हमे अपने हक के लिए लड़ना होगा ।महिलायों का शोषण करने की हिम्मत रखने वाले पुरुषो को हमे सभक सिकाना होगा ।

ताकि दोबारा ऐसा करने की वो सोचे भी नहीं ।।।

Wednesday, 24 October 2012

'' एक बेटी की फरियाद ''

 

एक बूँद  समाई गर्भ मैं ,
माँ  बनने   का  एहसास हुआ 
सोचा था गूजेगी किलकारी ,
घर मैं  खुशियों का  त्यौहार  हुआ ।।
मातम सा छाया तब घर मैं ।
        जब पता  लगा के  कन्या है ।
         दादी बोली  हमें नहीं  चाहिए ,
          पिता की  भी यही तमन्ना  है ,
           सिर्फ लिंग  जान के  दुखी हुए ,
            क्या मैं इतनी  बदकिस्मत हूँ ।
जिस  नारी  वंश से पिता ,
तूने जनम  लिया  मैं  उसी ,
वंश की फुलवारी हूँ ।।
           माँ क्या तुम भी चाहती हो ।
           मैं मर जाऊ इस जग मैं आने से पहले 
           क्या तुम अपने दिल के टुकड़े को कर दोगी 
           यमराज के हवाले ।।
यहाँ पाप नहीं महापाप है 
माँ मत बनो इसकी भागी ।
मैं भगत सिंह , चन्द्रशेकर आज़ाद ,
जैसे बेटो को जन सकती हूँ  ।
मैं कल्पना ,सानिया , मदर टेरेसा बन कर ,
तेरा नाम रोशन कर सकती हूँ  ।।
             मैं कली तुम्हारे आगन की ,
             मुझे आगन को महकाने दो ।
             माँ रहम करो, पिता रहम करो ,
              मुझे इस जग मैं आने दो ,
              मुझे फूल बनकर खिल जाने दो,
              माँ मुझे इस जग मैं आ जाने दो ।।

ये फरियाद है एक नन्ही सी  बेटी  की , जो अपने माँ बाप से  अपनी ज़िन्दगी मांग रही है , क्योकि आजकल  की इस दुनिया मैं जहा  देखो सबको बेटे ही चाहिए होते है , गर्भ  मैं लिंग की जाच करवाकर अगर उन्हें ये पता चल जाये के कोक मैं बेटी है , तो जैसे पुरे घर मैं मातम सा माहोल छा  जाता है , और उस नन्ही सी जान को इस दुनिया मैं आने  नहीं दिया  जाता …....  बेटो की चाह मैं बेटियों की ज़िन्दगी उनसे छीन  ली जाती  है ,   आखिर  उस नन्ही सी परी जो अब तक इस दुनिया मैं   आई भी नहीं है उसका कसूर क्या है , जो उसे पैदा होने से पहले ही मार दिया जाता  है ।।।।

Tuesday, 23 October 2012

                 '''    I Will Be Missing You '''

 You were so full of life,

Always smiling and carefree.

Life loved you being a part of it,
 And I loved you being a part of me.

                   You could make anyone laugh,
                   If they were having a bad day.
                   No matter how sad I was,
                   You could take the hurt away.

Your smile could brighten anyone's day,
No matter what they were going through.
And I know every day for the rest of my life, 
I will be missing you.

Saturday, 20 October 2012

'' WITHIN YOUR HEART , KEEP ONE STILL, SECRET SPOT WHERE DREAMS MAY GO''

Friday, 19 October 2012

                               '' दहेज़ प्रथा ''

 

 दहेज़ प्रथा हमारी  संस्कृति का एक कड़वा सच है , बरसो से चले आ रहे रीति रिवाज़ के नाम पर  बेटियों को बेचा जा रहा है ,   माँ बाप  बड़े  प्यार से अपनी बेटी की शादी  करवाते  है ,  पर  तोफे के नाम पे उसके साथ उसके ससुराल  वालो के लिए बहुत   कुछ  भेज देते है , जो के गलत है ,  माँ बाप अपने  जगह बिलकुल सही है , वो तो अपनी बेटी की ख़ुशी  के लिए ये सब देते है , पर उन्हें क्या पता  उनके ये सब देने के वजह से ही उनकी बेटी खुश नहीं रह पाती  , ससुराल वालो की लालच इस हद तक बढ़ जाती है ,  के  ज्यादा पैसो की लालच मैं आ कर वो अपनी बहु को ही जिंदा जला देते हे ,ऐसे लोगो से मझे  शकत  नफरत है ,अगर मेरा बश  चले तो मैं ऐसे  लोगो को फ़ासी  की सजा सुना दू , क्योकि  ऐसे लोगो को   जीने का कोई हक नहीं है , जो दुसरो की ज़िन्दगी की कीमत  पैसो से तोलते है ,,.............!!!!!!

'' THINGS DO NOT GROW BETTER , THEY REMAIN AS THEY ARE , AND WE GROW BETTER  BY THE CHANGES WE MAKE IN THEM''

''the key thing of life is to live and not to survive''