प्रकृति की बेहद खूबसूरत सौगात रंग-बिरंगे, महकते फूल सिर्फ आँखों को ही शीतलता नहीं देते बल्कि सेहत की दृष्टि से भी लाजवाब होते हैं। फूलों की हजारों प्रजातियों में से कई ऐसी हैं, जिनमें घाव को भरने से लेकर त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करने का भी उपचार है। कीचड़ में खिलने वाला कमल भी डायरिया को दूर करने और गर्मी के कारण झुलसी त्वचा को निखारने में मददगार साबित होता है। इस मौसम में तो आपको घर पर बगीचा लगाने में काफी मेहनत करनी पड़ती होगी ना क्योंकि गर्मी के मौसम में तेज धूप के कारण पौधों को अधिक पानी की आवश्कता होती है। ऐसे में आप इन देसी फूलों को अपने बगीचे में आसानी से उगा सकते हैं। बगीचे में सुदंर और रंग-बिरंगे फूलों से न केवल आपका बगीचा ही खिल उठेगा बल्कि आपके कमरे तक भी इसकी खुशबू आएगी। इन फूलों को गर्मियों में आसानी से लगाया जा सकता है और ये देखने में सुंदर भी लगेगें। बस आपको इन्हें अच्छी तरह से पानी देना होगा और कभी-कभार शेड में रखना होगा। ये आसानी से उग भी जाते हैं और ज्यादा देखभाल भी नहीं चाहते। ये देसी फूल हैं जो हर नर्सरी में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं जैसे:-
1. सूरजमुखी: ये फूल कड़कती गर्मी में भी खिले रहते हैं। सूजरजमुखी बहुत ही आसानी से उगने वाले
पौधो में से एक हैं, साथ ही जब इन्हें सूरज की धूप मिलती है तो इन्हें देखते ही बनता है।
2. गेंदा: हमें अपने घरो में गंेदे के फुल जरूरी लगाने चाहिए क्योंकि इसके फुलांे को घाव भरने का सर्वश्रेष्ठ मरहम माना जाता है। गेंदे के फूलों को तुलसी के पत्तों के साथ पीस कर उसका मलहम बना कर भी घाव के उपर रखा जा सकता है। इसके अलावा गेंदे की एक विशेष प्रजाति से त्वचा संबंधी रोगों का भी उपचार किया जा सकता है।
3. गुड़हल: गुड़हल के फुल देखने में ही सुंन्दर नही होते बल्कि इसमें सेहत का खजाना होता है। , इसे हम हिबिसकस भी कहते है । इसका इस्तेमाल खाने-पीने के साथ दवाइयों के लिए किया जाता है । इससे काॅलेस्ट्राॅल ,मधुमेह , हाई ब्लेड प्रेशर ,और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जा सकता है साथ ही गुड़हल के ताजे फुलों को पीसकर लगाने से बालों का रंग और भी निखारा जा सकता है ।
हमारी जब खान फ्लाॅवर के मालिक ज़फर खान से बात हुई तो उन्होनें बताया कि फूल दो प्रकार के होते है एक देशी और दूसरे अंग्रेजी । इनकी सबसे ज्यादा बिकरी शादियों और त्यौहारों के मौसम में होती है। इनमें सबसे ज्यादा बिकने वाला फूल गुलाब और गंेदा है। देशी फूलों में बहुत अच्छी खुशबू होती है और अंगेजी सिर्फ दिखनें में बहुत सुन्दर होते है। जिसमें कि सबसे महंगा फूल जरबेरा का होता है और इसके आठ से दस रंग आते है। वहीं लीलियम सफेद रंग का होता है और इसमें खुशबू भी होती है । रात की रानी , बेला , चमेली, सूरजमुखी, गुड़हल ,और . गेंदा ये सब देशी फूलों में आते है। इन सभी फूलों की खेती मलिहाबाद , काकोरी आदि में होती है और सभी फूलों को लखनऊ फूल मंडी में लाकर बेचा जाता है । फूल के दाम बढ़ते घटते रहते है। शादी व किसी खास त्यौहार के समय यह सभी फूल बहुत मंहगे हो जाते है और वही बिना मौसम या त्यौहार के ये काफी सस्ते मिलते है।
महक जायेगी बगिया
यदि आप खुशबू पसंद करते है तो बेला , चंपा , चमेली ,रात की रानी व रजनीगंधा के पौधे लगाना बेहतर चुनाव है क्योंकि शाम होते ही इनकी खुशबू आपके अशियाने को महका देगी ।
दोपहर में न करें सिंचाई
देखा गया है कि अक्सर लोग लाॅन की घास को सूखने से बचाने के लिए दिनभर पाइप खुला छोड देते है जबकी ये कतई सही नही है स्पेसिलिस्ट की माने तो सिंचाई केवल सुबह - शाम ही करना चाहिए। दोपहर 12 से तीन के बीच सिंचाई बिल्कुल ना करे। कई लोग तो लाॅन में पानी भर देते है यह ठीक नही है इससे घास पीली हो जाएगी सिर्फ हल्की निराई-गुड़ाई करते रहे।
1. सूरजमुखी: ये फूल कड़कती गर्मी में भी खिले रहते हैं। सूजरजमुखी बहुत ही आसानी से उगने वाले
पौधो में से एक हैं, साथ ही जब इन्हें सूरज की धूप मिलती है तो इन्हें देखते ही बनता है।
2. गेंदा: हमें अपने घरो में गंेदे के फुल जरूरी लगाने चाहिए क्योंकि इसके फुलांे को घाव भरने का सर्वश्रेष्ठ मरहम माना जाता है। गेंदे के फूलों को तुलसी के पत्तों के साथ पीस कर उसका मलहम बना कर भी घाव के उपर रखा जा सकता है। इसके अलावा गेंदे की एक विशेष प्रजाति से त्वचा संबंधी रोगों का भी उपचार किया जा सकता है।
3. गुड़हल: गुड़हल के फुल देखने में ही सुंन्दर नही होते बल्कि इसमें सेहत का खजाना होता है। , इसे हम हिबिसकस भी कहते है । इसका इस्तेमाल खाने-पीने के साथ दवाइयों के लिए किया जाता है । इससे काॅलेस्ट्राॅल ,मधुमेह , हाई ब्लेड प्रेशर ,और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जा सकता है साथ ही गुड़हल के ताजे फुलों को पीसकर लगाने से बालों का रंग और भी निखारा जा सकता है ।
हमारी जब खान फ्लाॅवर के मालिक ज़फर खान से बात हुई तो उन्होनें बताया कि फूल दो प्रकार के होते है एक देशी और दूसरे अंग्रेजी । इनकी सबसे ज्यादा बिकरी शादियों और त्यौहारों के मौसम में होती है। इनमें सबसे ज्यादा बिकने वाला फूल गुलाब और गंेदा है। देशी फूलों में बहुत अच्छी खुशबू होती है और अंगेजी सिर्फ दिखनें में बहुत सुन्दर होते है। जिसमें कि सबसे महंगा फूल जरबेरा का होता है और इसके आठ से दस रंग आते है। वहीं लीलियम सफेद रंग का होता है और इसमें खुशबू भी होती है । रात की रानी , बेला , चमेली, सूरजमुखी, गुड़हल ,और . गेंदा ये सब देशी फूलों में आते है। इन सभी फूलों की खेती मलिहाबाद , काकोरी आदि में होती है और सभी फूलों को लखनऊ फूल मंडी में लाकर बेचा जाता है । फूल के दाम बढ़ते घटते रहते है। शादी व किसी खास त्यौहार के समय यह सभी फूल बहुत मंहगे हो जाते है और वही बिना मौसम या त्यौहार के ये काफी सस्ते मिलते है।
महक जायेगी बगिया
यदि आप खुशबू पसंद करते है तो बेला , चंपा , चमेली ,रात की रानी व रजनीगंधा के पौधे लगाना बेहतर चुनाव है क्योंकि शाम होते ही इनकी खुशबू आपके अशियाने को महका देगी ।
दोपहर में न करें सिंचाई
देखा गया है कि अक्सर लोग लाॅन की घास को सूखने से बचाने के लिए दिनभर पाइप खुला छोड देते है जबकी ये कतई सही नही है स्पेसिलिस्ट की माने तो सिंचाई केवल सुबह - शाम ही करना चाहिए। दोपहर 12 से तीन के बीच सिंचाई बिल्कुल ना करे। कई लोग तो लाॅन में पानी भर देते है यह ठीक नही है इससे घास पीली हो जाएगी सिर्फ हल्की निराई-गुड़ाई करते रहे।
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