मेरे लफ्जों से ज्यादा कीमती हैं मेरे एहसास,काश हर एहसास को लफ्जों में बयां कर पाती मैं...लोग बातें तो बड़ी समझदारी की करते हैं आजकल,पर काश कोई हमें भी समझ पाता...ज़िन्दगी मैं हर शख्स को खुशियाँ बाँटने की कोशिश करी हैं मैंने अब तक....पर काश कोई मेरे मुस्कान के पीछे छिपे दर्द को भी जान पाता,मेरे लफ्जों से ज्यादा कीमती हैं मेरे एहसास पर काश इस एहसास को कोई समझ पाता..!!
''काश तुम समझ पाते मेरे अनकहे अल्फ़ाज़ों को,
तो ये एहसास स्याही और काग़ज़ के मोहताज ना होते...!
क्या दर्द है मेरे सीने में,न समझ पाया कोई,
क्या वजह है ऐसे जीने में,न समझ पाया कोई..!
