Friday, 10 November 2017

अनकहे एहसास



मेरे लफ्जों से ज्यादा कीमती हैं मेरे एहसास,काश हर एहसास को लफ्जों में बयां कर पाती मैं...लोग बातें तो बड़ी समझदारी की करते हैं आजकल,पर काश कोई हमें भी समझ पाता...ज़िन्दगी मैं हर शख्स को खुशियाँ बाँटने  की कोशिश करी हैं मैंने अब तक....पर काश कोई मेरे मुस्कान के पीछे छिपे दर्द को भी जान पाता,मेरे लफ्जों से ज्यादा कीमती हैं मेरे एहसास पर काश इस एहसास को कोई समझ पाता..!!
''काश तुम समझ पाते मेरे अनकहे अल्फ़ाज़ों को,
तो ये एहसास स्याही और काग़ज़ के मोहताज ना होते...!
क्या दर्द है मेरे सीने में,न समझ पाया कोई,
क्या वजह है ऐसे जीने में,न समझ पाया कोई..!
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Sunday, 2 July 2017

वक़्त ....
आज  अँधेरा है तो कल सवेरा भी होगा ..
आज मैं  कुछ नही हूँ , तो कल सब मेरा ही होगा ...
आज पतझड़ है , तो कल बहारे भी आयेंगी ...
आज जो आँखें रोती हैं, कल वो मुस्कुरायेंगी ...
आज काटे है तो कल फूल भी खिलेंगे ..
आज जो बिछड़े है कल वो जरुर मिलेंगे 
आज रुसवाईया  हैं तो कल शेहनाईयां  भी होगी 
आज मैं तन्हा हूँ तो कल मेरी भी परछाई होगी ,..
आज गम है तो कल खुशियाँ ही खुशियाँ होगी 
आज जो मुझसे हाथ छुडाते  है कल  वो दामन  पकड़ेंगे 
आज जो मुझसे अनजान है कल वो मेरी एक झलक को तरसेंगे ..
आज जो मेरे पास है , कल भी वो मेरे दिल मैं रहेंगे ..
मेरी चाहत , मेरी मोहब्बत, मेरे हर वक़्त मैं शामिल होंगे ...
वक्त भी ठहरता नही हर लम्हा चलता रहता है ....
पल पल कर के हमेशा यूँ ही गुज़रता रहता है .....!!!
इश्क फिर भी हो ही गया...!!

अजनबी शहर से आये हो तुम 
परदेश की खुशबू लाये हो तुम
ख्वाबों की गलियों से आई हो तुम
बिना दस्तक दिल मैं समाई हो तुम
ख़यालो मैं मेरे तो तुम आते नही 
कहते हैं लोग  की पराये हो तुम 
इश्क फिर भी हो ही गया 
दिल मेरा खो ही गया ...
 मेरे दिल के  मंदिर की मूरत हो तुम 
मेरी पूजा मेरी  इबादत हो तुम
इश्क फिर भी हो ही गया 
दिल मेरा खो ही गया ........