Sunday, 18 November 2012

''बेटियों से ही है ये जहा रोशन ''

 परियो जैसी सुन्दर होती है बेटिया , 

                  फूलो जैसी कोमल होती है बेटिया ,

 इनके बगैर ज़िन्दगी अधूरी सी लगती है ,
                  अपने घर का और पुरे देश का नाम रोशन करती है  बेटिया ,
बगैर इनके तो ये दुनिया बेकार है ।
                   तो फिर अब भी क्यों नहीं है इन्हें जन्म लेने का अधिकार ,
क्यों अब भी इनके जन्म की खबर  पर ही मातम मनाया जाता है ।
                    क्यों उसे जन्म लेने नहीं दिया जाता है 
क्या इस दुनिया मैं बेटे ही सब कुछ है बेटिया  कुछ नहीं ।
                सच मैं दिल बहुत दुखता है  
जब भी किसी मासूम परी  को सड़क किनारे या  कूड़ेदान मैं पदा  देखती  हूँ ।
                 आखिर उस मासूम का क्या कसूर है , 
क्यों उसे इस तरह लावारिस  मरने के  लिए छोड़ दिया जाता है ।
                  दोस्तों  ये पाप नहीं महापाप है , इसे बदावाह  मत दो .
क्योकि बेटियों  को भी तो जीने का हक है ,
                  हम होते कौन है उनसे  उनका ये हक छीनने  वाले ...................!!!!!!!!!! 

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