एक बूँद समाई गर्भ मैं ,
माँ बनने का एहसास हुआ
सोचा था गूजेगी किलकारी ,
घर मैं खुशियों का त्यौहार हुआ ।।
मातम सा छाया तब घर मैं ।
जब पता लगा के कन्या है ।
दादी बोली हमें नहीं चाहिए ,
पिता की भी यही तमन्ना है ,
सिर्फ लिंग जान के दुखी हुए ,
क्या मैं इतनी बदकिस्मत हूँ ।
जिस नारी वंश से पिता ,
तूने जनम लिया मैं उसी ,
वंश की फुलवारी हूँ ।।
माँ क्या तुम भी चाहती हो ।
मैं मर जाऊ इस जग मैं आने से पहले
क्या तुम अपने दिल के टुकड़े को कर दोगी
यमराज के हवाले ।।
यहाँ पाप नहीं महापाप है
माँ मत बनो इसकी भागी ।
मैं भगत सिंह , चन्द्रशेकर आज़ाद ,
जैसे बेटो को जन सकती हूँ ।
मैं कल्पना ,सानिया , मदर टेरेसा बन कर ,
तेरा नाम रोशन कर सकती हूँ ।।
मैं कली तुम्हारे आगन की ,
मुझे आगन को महकाने दो ।
माँ रहम करो, पिता रहम करो ,
मुझे इस जग मैं आने दो ,
मुझे फूल बनकर खिल जाने दो,
माँ मुझे इस जग मैं आ जाने दो ।।
ये फरियाद है एक नन्ही सी बेटी की , जो अपने माँ बाप से अपनी ज़िन्दगी मांग रही है , क्योकि आजकल की इस दुनिया मैं जहा देखो सबको बेटे ही चाहिए होते है , गर्भ मैं लिंग की जाच करवाकर अगर उन्हें ये पता चल जाये के कोक मैं बेटी है , तो जैसे पुरे घर मैं मातम सा माहोल छा जाता है , और उस नन्ही सी जान को इस दुनिया मैं आने नहीं दिया जाता ….... बेटो की चाह मैं बेटियों की ज़िन्दगी उनसे छीन ली जाती है , आखिर उस नन्ही सी परी जो अब तक इस दुनिया मैं आई भी नहीं है उसका कसूर क्या है , जो उसे पैदा होने से पहले ही मार दिया जाता है ।।।।
क्या तुम अपने दिल के टुकड़े को कर दोगी
यमराज के हवाले ।।
यहाँ पाप नहीं महापाप है
माँ मत बनो इसकी भागी ।
मैं भगत सिंह , चन्द्रशेकर आज़ाद ,
जैसे बेटो को जन सकती हूँ ।
मैं कल्पना ,सानिया , मदर टेरेसा बन कर ,
तेरा नाम रोशन कर सकती हूँ ।।
मैं कली तुम्हारे आगन की ,
मुझे आगन को महकाने दो ।
माँ रहम करो, पिता रहम करो ,
मुझे इस जग मैं आने दो ,
मुझे फूल बनकर खिल जाने दो,
माँ मुझे इस जग मैं आ जाने दो ।।
ये फरियाद है एक नन्ही सी बेटी की , जो अपने माँ बाप से अपनी ज़िन्दगी मांग रही है , क्योकि आजकल की इस दुनिया मैं जहा देखो सबको बेटे ही चाहिए होते है , गर्भ मैं लिंग की जाच करवाकर अगर उन्हें ये पता चल जाये के कोक मैं बेटी है , तो जैसे पुरे घर मैं मातम सा माहोल छा जाता है , और उस नन्ही सी जान को इस दुनिया मैं आने नहीं दिया जाता ….... बेटो की चाह मैं बेटियों की ज़िन्दगी उनसे छीन ली जाती है , आखिर उस नन्ही सी परी जो अब तक इस दुनिया मैं आई भी नहीं है उसका कसूर क्या है , जो उसे पैदा होने से पहले ही मार दिया जाता है ।।।।

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