Sunday, 2 July 2017

वक़्त ....
आज  अँधेरा है तो कल सवेरा भी होगा ..
आज मैं  कुछ नही हूँ , तो कल सब मेरा ही होगा ...
आज पतझड़ है , तो कल बहारे भी आयेंगी ...
आज जो आँखें रोती हैं, कल वो मुस्कुरायेंगी ...
आज काटे है तो कल फूल भी खिलेंगे ..
आज जो बिछड़े है कल वो जरुर मिलेंगे 
आज रुसवाईया  हैं तो कल शेहनाईयां  भी होगी 
आज मैं तन्हा हूँ तो कल मेरी भी परछाई होगी ,..
आज गम है तो कल खुशियाँ ही खुशियाँ होगी 
आज जो मुझसे हाथ छुडाते  है कल  वो दामन  पकड़ेंगे 
आज जो मुझसे अनजान है कल वो मेरी एक झलक को तरसेंगे ..
आज जो मेरे पास है , कल भी वो मेरे दिल मैं रहेंगे ..
मेरी चाहत , मेरी मोहब्बत, मेरे हर वक़्त मैं शामिल होंगे ...
वक्त भी ठहरता नही हर लम्हा चलता रहता है ....
पल पल कर के हमेशा यूँ ही गुज़रता रहता है .....!!!

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