Sunday, 2 July 2017

इश्क फिर भी हो ही गया...!!

अजनबी शहर से आये हो तुम 
परदेश की खुशबू लाये हो तुम
ख्वाबों की गलियों से आई हो तुम
बिना दस्तक दिल मैं समाई हो तुम
ख़यालो मैं मेरे तो तुम आते नही 
कहते हैं लोग  की पराये हो तुम 
इश्क फिर भी हो ही गया 
दिल मेरा खो ही गया ...
 मेरे दिल के  मंदिर की मूरत हो तुम 
मेरी पूजा मेरी  इबादत हो तुम
इश्क फिर भी हो ही गया 
दिल मेरा खो ही गया ........

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