Tuesday, 20 January 2015

आत्महत्या का प्रयास अपराध नहीं ..!!!

एक रिसर्च के अनुसार भारत मैं युवाओ की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण आत्महत्या हैं | भारत उन देशो मैं शामिल हैं  जहा आत्महत्या सबसे अधिक होती हैं | विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार वर्ष 2010 मैं भारत मैं एक लाख 90 हज़ार लोगो ने आत्महत्याए की थी और हर वर्ष लगभग 9 लाख लोग आत्महत्याए करते हैं | इनमें सबसे बड़ी संख्या चीन की है जहा औसतन दो लाख लोग हर वर्ष आत्महत्या कर लेते हैं | पिछले साल भारत मैं लगभग 1,35,445 लोगो ने आत्महत्या की - भारत मैं हर चार मिनट मैं कोई न कोई अपनी ज़िन्दगी अपने ही हाथो से छीन लेता है फिर चाहे वो पुरुष हो या महिला , रोज तक़रीबन  371  मामले आत्महत्या के सामने आ रहे हैं | युवाओ मैं आत्महत्या की ये  बढोत्तरी उत्तर भारत की बजाये दक्षिण भारत मैं कही ज्यादा हैं , देश भर मैं आत्महत्या से होने वाली कुल मौतों मैं से चालीस प्रतिशत अकेले चार बड़े दक्षिणी राज्यों मैं होती हैं |

इन घटनायों ने खीचा ध्यान :-
कुछ हफ्ते पहले एक युवा महिला डॉक्टर ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट मैं इसका कारण खुद को किसी लायक न मानना बताया था | और एक CA की स्टूडेंट ने परीक्षा के बाद खुद को कमरे मैं बंद करके इसलिए फासी लगा ली थी क्यूकि उसका पेपर अच्छा नहीं हुआ था |
                    देश मैं ज्यादातर जगहों पर आत्महत्यां करने वालो की संख्या मैं जहा कमी आई हैं , वही उत्तर प्रदेश मैं ये मामले काफी तेज़ी से बड़े हैं | यूपी (19.5) % के साथ आत्महत्याओ की फेरिस्त मैं  चौथे नंबर पर हैं , इसे लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी मनोवैज्ञानिक की प्रोफेसर अर्चना शुक्ला कहती हैं - की इस्सकी वजह युवाओ मैं करियर और अन्य कारणों से बढता दबाव हैं , समाज तेज़ी से बदल रहा हैं और हर कोई अपने आप मैं व्यस्त हैं , कोई अपना काम क्यों नहीं कर पाया , इसे जानने के बजाये उसे नकारा बताने की कोशिश होती हैं |

शादी टूटी तो कर ली आत्महत्या :-
                          आत्महत्याओ की बदती वजह सिर्फ काम और परिवार का दबाव ही नहीं हैं बल्कि प्रदेश मैं 57 लोगो ने महज़ शादी पक्की होने के बाद उसके टूटने पर अपनी ज़िन्दगी ख़त्म  कर दी हैं, इनमें 38 लडकिया थी |  सिर्फ शहर ही नहीं गाँव के किसान भी इससे अछूते नहीं हैं , वर्ष 2013 मैं देश मैं 11,770 किसानों ने आत्महत्याए की हैं , जिनमें से 750 किसान उत्तर प्रदेश से थे |
भारतीय संविधान मैं आत्महत्या  को क्राइम की श्रेणी मैं रखा जाता हैं | लेकिन जल्द ही ऐसा होने वाला हैं की इसे अपराध की श्रेणी से हटा दिया जायेगा |  IPC ( INDIAN PENAL CODE ) की धारा 309 (ATTEMPT TO MURDER ) के तेहत सुसाइड की कोशिश पर पहले एक साल की सज़ा या जुर्माने का प्रवाधान था  जिसे अब विधि  आयोग की सिफ़ारिश पर मोदी सरकार ने  खत्म करने का फैसला किया है | 18 राज्य और 4 केंद्र शासित  छेत्र भी इसके पक्ष मैं हैं |

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