भारत
को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में
'मेक इन इंडिया' कैंपेन को शुरू कर रहे थे, ठीक उसी समय चीन सरकार ने 'मेड इन चाइना' लॉन्च कर दिया। चीन के इस कदम का मकसद
खुद को मैन्युफैक्चरिंग में बढ़त बनाए रखने की है और इसके लिए उसने कई तरह की
टैक्स रियायतों की घोषणा की है। चीन सरकार ने अपने बयान में कहा है, 'मेड इन चाइना उत्पादों को अपग्रेड करने
के लिए हम हाईटेक इंपोर्ट और रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट को बढ़ावा देंगे।' इस कैंपेन के तहत चीन अपने यहां
मैन्युफैक्चरिंग कर रही उन कंपनियों को टैक्स में रियायत देगी, जो मशीनों को अपग्रेड करने और रिसर्च
ऐंड डिवेलपमेंट के क्षेत्र में निवेश करेगी | वर्ल्ड
बैंक ने ग्लोबल इकॉनमी के ग्रोथ रेट को 3.47 फीसदी से
घटा कर 3 फीसदी कर दिया है। जिससे आने वाले साल मुश्किलों भरा साबित हो सकता
है। हालांकि, इस बीच वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा कि भारतीय इकॉनमी के लिए यह बेहतर दौर साबित होगा। पिछले साल भारत में सत्ता में आई नई सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों के लिए उठाए गए कदमों को लेकर उत्साहित वर्ल्ड बैंक का कहना है कि भारत 2016-17 में चीन की विकास दर के समान विकास दर हासिल कर लेगा। भारत के लिए खुशखबरी है कि 2016 में भारत ग्रोथ रेट के मामले में चीन को पछाड़ देगा । इंटरनैशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) ने
कहा कि इस साल भारत का ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी रहेगा और 2016 में 6.5 फीसदी हो जाएगा। आईएमएफ द्वारा जारी की गई वर्ल्ड इकनॉमिक रिपोर्ट
अपडेट में कहा गया है कि 2014 में भारत का
ग्रोथ रेट 5.8 फीसदी रहा है जबकि चीन का 7.4 फीसदी । 2013 में भारत का ग्रोथ रेट 5 फीसदी था जबकि चीन का 7.8 फीसदी। आईएमएफ ने कहा कि 2015 में भारत के ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी रहने और 2016 में 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि चीन का ग्रोथ रेट को 2016 में 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है। इसका मतलब यह हुआ कि ग्रोथ रेट के
मामले में भारत 2016
में चीन को पछाड़
देगा। चीन में 2014
के तीसरे
क्वॉर्टर में इन्वेस्टमेंट ग्रोथ में गिरावट आई है । आईएमएफ का कहना है कि चीन में
कम ग्रोथ रेट होने से अहम क्षेत्रीय प्रभाव होंगे।
आईएमएफ के रिसर्च
डिपार्टमेंट के deputy director gyan mariya ने बताया, 'मेरा मानना है कि नए प्रधानमंत्री के सुधार की योजनाएं आशाजनक
हैं। हमें उम्मीद है कि तेजी के साथ इसपर कार्य किया जाएगा।' एक सवाल के जवाब में आईएमएफ के अधिकारी
ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आर्थिक सुधार के
बारे में कोई भी भविष्यवाणी करना कठिन है क्योंकि ये सचारात्मक सुधार हैं और
धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल मूल्य में गिरावट से ग्लोबल
ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। ग्लोबल ग्रोथ को 2015-16 में 3.5 और 3.7 फीसदी रहने का अनुमान है।
Wednesday, 21 January 2015
2016 तक चीन से आगे निकल जाएगा भारत.....!!
भारत purchasing power parity के लिहाज से
दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के
मुताबिक, जापान को पछाड़कर भारत ने यह स्थान हासिल किया है।
बैंक के इंटरनैशनल comparison प्रोग्राम (ICP) के 2011 राउंड में अमेरिका और चीन के बाद भारत को
रैंकिंग दी गई है। इससे पहले 2005 के सर्वे में भारत की
इकॉनमी इस मामले में 10वें पायदान पर थी। हाल के वर्षों में भारत में ऊंची
महंगाई दर के बावजूद कीमतें अब भी विकसित देशों के मुकाबले कम हैं। PPP के लिहाज से इस रिपोर्ट में भारत की हाई
रैंकिंग की यही वजह है। हालांकि, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड
(आईएमएफ) के मुताबिक, भारत 12वीं सबसे
बड़ी इकॉनमी है और adjusted dollars के लिहाज से इसका आकार
जापान के महज एक तिहाई के बराबर है।
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