आज कि फिल्मी दुनिया बिना गानो के ऐसी लगेगी जैसे बिना रस के आम। ....... जरा सोचिये अगर हमारी फिल्मे बिना गानो के बनने लगे तो ,उनमे सिर्फ ड्रामा के अलावा कुछ न हो तो। .... कैसा लगेगा ????
हमारे फ़िल्म इंडस्ट्री मैं कई ऐसे बेहतरीन गायक मौजूद है ,जिनके कारण हमें बढ़िया से बढ़िया गाने सुनने को मिलते है। उन्ही मैं से एक है मशहूर पंजाबी पॉप गायक हनी सिंह जिन्हे हाल के अरसे मैं खूब कोसा गया था ,ये कहकर के उनके गाये अश्लील गाने भारतीय संस्कृति को ख़राब कर रहे है ।
मैं कहती हूँ ,, पिछले कुछ सालों से क्या हमारे समाज और सरकार ने कानो मैं रुई ठूस रखी थी , जो उन्हें अब तक ये नही दिखायी दे रहा था और अब अचानक ही उन्हें भातीय संस्कृति कि इतनी फिर्क होने लगी है । अभी तक तो वो खुद हनी सिंह के गाये गाने बड़े मज़े से सुना करते थे । आज कल तो हर समाचार चैनलो पर गली नुक्कड़ मैं समाज को बदलने कि बात कि जा रही है ,,पर कोई ये नहीं बता पा रहा है के ये बदलाव आयेगा कैसे । समाज मैं एक तरफ तो युवा पीढ़ी दिल्ली सहित पुरे देश मैं दुस्कर्म कि शिकार पीड़िता के पक्ष मैं रैलियाँ निकाल रहे थे , वही दूसरी ओर वही युवा हनी सिंह के गाने YOUTUBE पर १० लाख से ज्यादा बार देख रहे थे । TWITTER पर हनी के फोल्लोवेर्स कि सख्या ५०,००० को पर कर रही है , और FACEBOOK पर हनी कि फरंडलिस्ट लगातार लम्बी हो रही है । तो ऐसे मैं हम अकेले हनी सिंह को ही दोषी नहीं मान सकते ना ॥
मैं कहती हूँ ,, पिछले कुछ सालों से क्या हमारे समाज और सरकार ने कानो मैं रुई ठूस रखी थी , जो उन्हें अब तक ये नही दिखायी दे रहा था और अब अचानक ही उन्हें भातीय संस्कृति कि इतनी फिर्क होने लगी है । अभी तक तो वो खुद हनी सिंह के गाये गाने बड़े मज़े से सुना करते थे । आज कल तो हर समाचार चैनलो पर गली नुक्कड़ मैं समाज को बदलने कि बात कि जा रही है ,,पर कोई ये नहीं बता पा रहा है के ये बदलाव आयेगा कैसे । समाज मैं एक तरफ तो युवा पीढ़ी दिल्ली सहित पुरे देश मैं दुस्कर्म कि शिकार पीड़िता के पक्ष मैं रैलियाँ निकाल रहे थे , वही दूसरी ओर वही युवा हनी सिंह के गाने YOUTUBE पर १० लाख से ज्यादा बार देख रहे थे । TWITTER पर हनी के फोल्लोवेर्स कि सख्या ५०,००० को पर कर रही है , और FACEBOOK पर हनी कि फरंडलिस्ट लगातार लम्बी हो रही है । तो ऐसे मैं हम अकेले हनी सिंह को ही दोषी नहीं मान सकते ना ॥
हमारी युवा पीढ़ी ही जब हनी सिंह के गाये गानो को अश्लील और आपत्तीजनक ना मान कर उसका मज़ा ले रही हो । साफ़ हैं कि अगर हनी इसके लिए दोषी है तो उनके गाये गानो का लुफ्त लेने वाली हमारी समाज भी उतनी ही दोषी है । हनी सिंह को दोष देने से पहेले हमे ये बात समझनी होगी के अगर ऐसे गाने गाना गुनाह है तो इन्हे सुनना भी उससे कम बड़ा गुनाह नहीं है , और रही बात हनी सिंह पर लगे बैन कि तो हां सरकार ने उसपर बैन लगाया है ,पर उन लोगो का क्या जो बड़े से बड़े गुनाह करते जाते है , और सरकार सिर्फ देखने के अलावा कुछ भी नहीं कर पाती है ॥॥॥

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